“I Love Hindi”… But Only On Hindi Diwas!

आशीष शर्मा (ऋषि भारद्वाज)
आशीष शर्मा (ऋषि भारद्वाज)

14 सितंबर यानी हिंदी दिवस।
एक दिन जब देशवासी एक झूठा guilty conscience धोने निकलते हैं — जैसे साल भर अंग्रेज़ी बोलने के बाद अचानक याद आता है कि अरे, हमारी एक मातृभाषा भी थी!
और फिर शुरू होता है सोशल मीडिया का नाटक।

Insta Caption: “Feeling proud to be Hindi speaker. Hindi is not just a language, it’s an emotion.”
Keyboard: English.
Hashtags: #HindiDiwas #MaaBhasha #LoveHindi
भाषा: कहीं नहीं।

स्कूल में हिंदी दिवस? मतलब जब बच्चे शपथ लेते हैं… जिसे वो खुद नहीं समझते!

हिंदी दिवस के दिन स्कूल में 3 चीज़ें फिक्स होती हैं:

  1. एक भाषण – जिसमें बच्चा बोलता है “हिंदी हमारी शान है” और नीचे से फुसफुसाता है, “Sir, next line क्या है?”

  2. एक कविता – जिसमें ‘भारत माता’ का ज़िक्र तीन बार आता है और तालियाँ भी तीन बार।

  3. और अंत में एक अंग्रेज़ी स्पीच – ताकि प्रिंसिपल को समझ आ जाए कि बच्चा टैलेंटेड है।

कॉरपोरेट ऑफिस में हिंदी दिवस: जब बॉस बोलता है “Speak in Hindi today”, और टीम कहती है “Seriously?”

आज के कॉर्पोरेट ऑफिस में हिंदी दिवस मनाना वैसा ही है जैसे PVR में हनुमान चालीसा चलाना – लोग confused हो जाते हैं कि clap करें या exit?

Boss: “आज की मीटिंग हिंदी में होगी।”
Intern: “Excuse me sir, क्या हम English subtitles ला सकते हैं?”

और मीटिंग के बाद सब फिर से बोलते हैं –

“Please ping me the MOM. Let’s sync on this tomorrow.”

वाह री हिंदी, तुम वर्क कल्चर के PPT में भी घुस नहीं पाईं।

सोशल मीडिया की हिंदी: जब #HindiDiwas भी इंग्लिश की permission से ट्रेंड करता है!

आजकल सोशल मीडिया पर जो हिंदी है, वो असल में “Hinglish” है — यानी “थोड़ी हिंदी, बाकी सब इंग्लिश और attitude”।

उदाहरण के लिए:

  • “Bro ye toh full vibe है!”

  • “Mujhe toh iski energy बहुत relatable लगती है।”

  • “बचपन में मम्मी battery low होने से पहले चार्ज कर देती थी – #Throwback #DesiFeels”

ये है आज की “डिजिटल हिंदी” – जो बिना autocorrect के टाइप ही नहीं होती।

हिंदी किताबें? कौन पढ़ेगा भाई! Netflix में subtitles हैं न!

कभी घर के किताबों के शेल्फ में प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, और हरिवंश राय बच्चन आराम फरमाते थे। अब वहाँ ‘Atomic Habits’, ‘Ikigai’ और ‘How to Be a Bawse’ रखी है – वो भी पूरी unread.

“हिंदी में पढ़ने का टाइम किसके पास है यार? Podcast सुन लेते हैं – वो भी इंग्लिश में।”

हमें हिंदी से प्यार है… बस वो publicly express करना थोड़ा uncool लगता है

हिंदी से प्यार सबको है – लेकिन दिखाने में शर्म आती है।
जैसे कोई बोलता है –

“Bro mujhe Gulzar ke lyrics पसंद हैं।”
पर पूछो कौन सी कविता? जवाब –
“Umm… वो जो Arijit ने गाई थी न…”

हिंदी अब emotion कम, Instagram aesthetic ज्यादा बन चुकी है।

“हिंदी दिवस पर हिंदी याद आती है… और बाकी साल इंग्लिश छा जाती है”

हर 14 सितंबर को हम हिंदी को फूल चढ़ाते हैं,
लेकिन 15 सितंबर को फिर WhatsApp का ‘Hi’ और Google का ‘Translate’ चालू हो जाता है।

“हिंदी को सिर्फ मनाओ मत, जीओ।”
वरना एक दिन बच्चे पूछेंगे –
“Mom, what is ‘Bhasha’? Is it a fruit?”

कांग्रेस कृपया ध्यान दे! शिव भक्त हैं मोदी जी सारा ज़हर पी सकते हैं

Related posts

Leave a Comment